रांची, सितम्बर 7 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। श्रीधाम वृंदावन से आए आचार्य भूपेंद्र महाराज ने कहा कि भगवान के आश्रय में ही जीव का परम कल्याण निहित है। 'हरि शरणमं' नाम का जाप जीवन की समस्त व्याधियों और कष्टों को दूर कर देता है, इसलिए प्रत्येक मनुष्य को प्रातः काल उठकर हरि शरणमं का निरंतर जाप करना चाहिए। कथावाचक सोमवार को चुटिया स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें एवं अंतिम दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। सुदामा चरित्र के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि सुदामा एक प्रतीक हैं और सच्ची मित्रता का उदाहरण कृष्ण-सुदामा के पावन संबंध से मिलता है। जब सुदामा तीन मुट्ठी चावल लेकर द्वारिका पहुंचे, तो भगवान श्रीकृष्ण ने केवल दो मुट्ठी चावल स्वीकार कर उन्हें दो लोकों का ऐश्वर्य और सुख प्रदान कर द...