पटना, मार्च 17 -- प्रस्तुति पटना द्वारा प्रेमचंद रंगशाला में आयोजित प्रस्तुति उत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को दर्शकों को मानवीय संवेदनाओं व सामाजिक सरोकारों से रूबरू होने का अवसर मिला। मुनमुन सिंह द्वारा अभिनीत व त्रिपुरारी शर्मा द्वारा निर्देशित नई दिल्ली की संस्था ऊर्जा की नाटक 'स्त्री सुबोधिनी' के मंचन ने महिलाओं के प्रति सामाजिक विसंगतियों व मानदंडो पर गहरा कटाक्ष किया। शुरूआत एक अविवाहित महिला से होती है, जो विवाहित व्यक्ति के साथ अपने अतीत के जटिल संबंधों के परतों को उजागर करती है। शिंदे नामक व्यक्ति शादी के नाम पर उससे भ्रमित करता है। उसकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करता है। व्यंगात्मक शैली में प्रस्तुत यह नाटक इसी भावना को प्रस्तुत करता है। नाटक में मुनमुन सिंह ने पात्र की किरदार को दिखाते हुए उस महिला की मानसिक स्थिति और भावना के उतार ...