धनबाद, नवम्बर 4 -- बंद और परित्यक्त कोयला खदानों की बेकार पड़ी जमीन को उत्पादक और टिकाऊ उपयोग में लाने के लिए बड़ी पहल हुई है। कोल कंट्रोलर ऑर्गनाइजेशन (सीसीओ) ने 'सुविकल्प' नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इसके माध्यम से बंद खदानों की जमीन के पुनः उपयोग की वैज्ञानिक संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। कोयला मंत्रालय का मानना है कि खदान बंद होने के साथ जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। खनन के बाद जमीन का बेहतर उपयोग, पर्यावरणीय पुनर्स्थापन और स्थानीय लोगों का सामाजिक-आर्थिक विकास जरूरी है। इसी सोच के तहत सुविकल्प लाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर पैदा करना है।

सुविकल्प प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली कैसे करेगा काम...