नई दिल्ली, अगस्त 15 -- स्वतंत्रता दिवसके मौके पर आयोजिक कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए योगगुरु रामदेव ने शिक्षा और भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल उठाए हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' से सुर मिलाते हुए उन्होंने यहां तक कहा कि कहीं ऐसा ना हो कि उन्हें भी धरने पर बैठना पड़े। हालांकि रामदेव ने कहा कि आंदोलन के नाम पर वह अराजकता का समर्थक नहीं हूं।'देश में चारों तरफ हंगामा' रामदेव ने कहा, देश में चारों तरफ हंगामा है। छोटे-छोटे स्कूलों से बच्चे निकल रहे हैं और कह रहे हैं कि हमारे यहां टीचर नहीं है, लाइट नहीं है, पानी नहीं है, शौचालय नहीं है। किताबें हैं तो टीचर हैं, टीचर हैं तो किताबें नहीं हैं। किताबे हैं तो पेपर लीक हो जाता है। 10वीं-12वीं के बोर्ड के एग्जाम कहीं जुड़ते नहीं हैं। प्रतिस्पर्धी परीक्षा के आधार पर ही ऐडमिशन होते ...