कानपुर, मई 10 -- कानपुर। निजी सफाई व्यवस्था के विरोध में रविवार को संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद देवेंद्र सिंह भोले से मिला। समिति ने कहा कि अपने शहर में निजी कंपनी को जिम्मा सौंपना कभी कारगर नहीं रहा। समिति ने कहा कि वर्ष 2014 में एटूजेड भाग गई। ईईएसएल मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए आई, वो भी चली गई। दीक्षांत कंपनी आई, नौ माह का भुगतान लेकर चली गई। अब फिर सफाई निजी कंपनी को देने की कोशिश हो रही है। यह शहर को बर्बाद करने की साजिश है। सांसद ने मंडलायुक्त से इस संबंध में बात की और कहा कि ई-टेंडर को स्थगित किया जाए। सदन में पास कराकर शासन से अनुमति ली जाए। आउटसोर्स कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम में बोर्ड में प्रदत्त अधिकारों का लाभ दिया जाए। ज्ञापन देने वालों में जयपाल सिंह राठौर, रमेश चंद शुक्ला, बृजलाल भारती, रमाका...