नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- बरेली हिंसा के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा खान की जमानत याचिका खारिज करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। हाई कोर्ट ने कहा, 'सर तन से जुदा' जैसे नारे की तुलना जय श्री राम या फिर अल्लाहू अकबर से नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि नारा-ए-तकबीर और अल्लाहू अकबर अलग नारे हैं। इसके अलावा 'जो बोले सो निहाल' और 'जय श्री राम' जैसे नारे को 'गु्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा, सर तन से जुदा' के बराबर नहीं रखा जा सकता। हाई कोर्ट ने कहा कि सर तन से जुदा जैसी नारेबाजी देश की संप्रभुता के लिए चुनौती हैं। जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव ने सोमवार को दिए अपने आदेश में कहा कि घटना के बाद तौकीर रजा ने अपने भाषण में जो नारा लगाया, वह कानून के शासन तथा भारत की संप्रभुता और अखंडता को चुनौती था। हाई कोर्ट ने कहा याचिकाकर्त...