'सड़क पर पैदल चलना भी व्यक्ति का.', कोर्ट ने 2 लोगों को गाड़ी से रौंदने वाले की सजा बरकरार रखी
नई दिल्ली, अगस्त 30 -- हेमलता कौशिक, नई दिल्ली दिल्ली में वर्ष 2021 में राम मनोहर लोहिया अस्पताल के बाहर दो पैदल यात्रियों की मौत के मामले में दिल्ली की एक अदालत एक व्यक्ति की दो महीने की जेल की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सड़क एक साझी विरासत है, जहां पैदल चलने वालों को अपनी मंजिल पर जिंदा पहुंचने का मौलिक अधिकार है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालर की कोर्ट ने दलीप कुमार की सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया है। दलीप को इस साल फरवरी में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने लापरवाही से मौत के तहत 2 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। दलीप को लापरवाही से वाहन चलाने के लिए 15 दिन की जेल की सजा भी सुनाई गई थी। यह भी पढ़ें- 'अदालत अटकलें लगाने की.': कोर्ट ने पासपोर्ट एक्ट के आरोप से व्यक्ति को किया बरीकोर्ट ने फैसले में क्या...
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