मुजफ्फरपुर, जून 25 -- पारू। उस्ती गांव स्थित जमा मस्जिद के मौलाना हाफिज जमील अहमद ने कहा कि मोहर्रम केवल मातम का पर्व नहीं, बल्कि हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी, सब्र, इंसाफ और सच्चाई के रास्ते पर चलने का संदेश देता है। बताया कि कर्बला की घटना हमें अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने और मानवता की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में सत्य का साथ देने की सीख देती है। पर्व पर शांति, भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने युवाओं को इमाम हुसैन के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। इस मौके पर मौलाना हसनैन, अमीन कौशर सोनू, ईदू अंसारी, शकीला बेगम, गुलाम रसूल, शेराजुद्दी अंसारी, सदाम हुसैन, शेख नईम, मौलाना अब्दुल सकुर आदि मौजूद थे। यह भी पढ़ें- इमाम हुसैन की शहादत की याद में निकला मातमी जुलूस यह भी पढ़ें- कर्बला हक और बातिल के संघर्ष की अजी...