नई दिल्ली, मार्च 8 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का पूरा साहित्य और आलोचना शोध पर आधारित है। वे सदा ही अपने छात्रों को शोध की गहराई में उतरने के लिए प्रेरित करते थे। साहित्य अकादमी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कुछ इसी प्रकार के विचार व्यक्त किए गए। इस मौके पर डॉ. चंदन तिवारी को प्रथम आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी शोध सम्मान प्रदान किया गया। इस मौके पर प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी ने कहा कि हजारी प्रसाद द्विवेदी का मानना था कि विषय में जितना डूबोगे उतने ही मोती पाओगे। आज अगर वे होते तो उन्हें इस बात पर जरूर प्रसन्नता होती कि उनके नाम पर ऐसे सम्मान की शुरुआत हुई है जो पूर्णतः शोध को समर्पित है।
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