'शिव' से 'शव' होने तक का सीख रहे हुनर
वाराणसी, मई 21 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से जुटे 75 प्रशिक्षु इन दिनों काशी में 'शिव' से 'शव' होने तक की तरकीबें सीख रहे हैं। यहां शिव का अभिप्राय सक्रियता और शव का अर्थ निष्क्रियता है। दोनों ही स्थितियों का प्रशिक्षण उन्हें नागरी नाटक मंडली की ओर से आयोजित नवांकुर नाट्य कार्यशाला में दी जा रही है। यह भी पढ़ें- बीएचयू के 270 से अधिक कर्मचारी हुए प्रशिक्षित कार्यशाला का उद्देश्य मंडली के मुरारीलाल मेहता प्रेक्षागृह के मंच पर योगाचार्य राजेश शर्मा प्रतिभागियों को सहज सक्रियता-सहज निष्क्रियता के गुर सिखा रहे हैं। बुधवार की शाम उन्होंने इस सत्र की शुरुआत ऊँ के लंबे उच्चारण के अभ्यास से कराई। प्रशिक्षक का ध्यान इस तरफ भी है कि ऊँ का लंबे उच्चारण के दौरान कौन एकाग्र है और किसका मन भटक रहा है। किसके बैठने का तरीका स...
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