नई दिल्ली, जुलाई 25 -- सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक झगड़ों से जुड़े मामलों में ससुराल वालों को घसीटे जाने को गलत परंपरा बताई। शीर्ष अदालत ने ऐसे मामलों में बच्चों का इस्तेमाल किए जाने पर चिंता जताई। अदालत ने एक नाबालिग की बुआ के खिलाफ दर्ज पोक्सो मामला रद्द कर दिया। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस नजरिए की आलोचना की, जिसमें रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों की जांच किए बिना ही मामला रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। पीठ ने 23 जुलाई के अपने आदेश में कहा कि यह एक परंपरा बन गई है कि वैवाहिक झगड़ों से जुड़े मामलों में ससुराल वालों को घसीटा जाता है और अक्सर एक-दूसरे को बदनाम करने के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन हम तलाकशुदा मां द्वारा लगाए गए इन आरोपों से हैरान हैं कि उसके बेटे का उसकी बुआ (पिता की ब...