नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साफ किया कि वह वृंदावन के मशहूर बांके बिहारी मंदिर में धार्मिक रीति-रिवाजों के संबंध में मौजूदा व्यवस्था में 'कोई ढांचागत बदलाव' नहीं करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने वरिष्ठ वकील श्याम दीवान और वकील तन्वी दुबे की दलीलों पर ध्यान देते हुए निर्देश दिया कि मामले को दो हफ्ते बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए ताकि पक्षों को हाल में दायर स्थिति रिपोर्ट पर जवाब देने का मौका मिल सके। शीर्ष अदालत ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की प्रबंध समिति और सेवायतों (पुजारियों) की तरफ से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह भी पढ़ें- धर्मांतरण मामले में सुनवाई करेगा कोर्ट याचिकाकर्ताओं ने अदालत द्वारा बनाई गई उच्चाधिकार प्राप्त समिति के हाल के प्रशासनिक फैसल...