नई दिल्ली, मई 15 -- दिल्ली हाई कोर्ट में गुरुवार को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में उस समय अहम मोड़ आया जब उन्होंने अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के बाद कथित शराब घोटाला केस को दूसरी बेंच को सौंपने का निर्देश दिया। इसी दौरान जस्टिस शर्मा एक महत्वपूर्ण टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि यदि वह इस मामले की सुनवाई जारी रखती हैं तो अरविंद केजरीवाल और अन्य को यह लग सकता है कि उनके प्रति मेरे मन में "दुर्भावना" है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी दबाव या पीछे हटने की वजह से नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए है। उन्होंने कहा कि चूंकि अब उन्होंने स्वयं अवमानना कार्यवाही शुरू की है, इसलिए मामले की सुनवाई किसी अन्य बेंच द्वारा ...