भागलपुर, सितम्बर 8 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता बीएयू के विद्यार्थियों से उम्मीद है कि वे 'लैब टू लैंड और लैंड टू लैब' की अवधारणा को साकार करने के लिए 'एक विद्यार्थी-एक किसान-एक समाधान' कार्यक्रम को सफल करेंगे। यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए। विद्यार्थियों को खेत पर जाकर वास्तविक स्थिति को समझना होगा और ऐसा समाधान देना होगा, जिसका किसान के जीवन और कृषि कार्य पर स्पष्ट और मापनीय प्रभाव दिखाई दे। इसके लिए गंभीरता से किसानों से संवाद जरूरी है। यह बातें बीएयू में कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह ने सोमवार को कही। वे 'एक विद्यार्थी-एक किसान-एक समाधान' कार्यक्रम की शुरुआत पर बिहार कृषि कॉलेज (बीएसी) में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।

कार्यक्रम की आवश्यकता कुलपति ने विद्यार्थियों को बताया कि उन्हें किसान से बातची...