नई दिल्ली, जुलाई 19 -- शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना में विलय की मंजूरी के बाद पार्टी ने इसे असंवैधानिक बताया है। शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे ने शनिवार को कहा कि लोकसभा स्पीकर के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। दानवे ने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार, एक पार्टी का दूसरी पार्टी में विलय हो सकता है, लेकिन विधायकों या सांसदों का कोई समूह अपने स्तर पर ऐसा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि शिवसेना (UBT) के बागी सांसद एक अलग गुट बना सकते थे। दानवे ने कहा, 'यह मंजूरी गैर-कानूनी है। हम इस फैसले को चुनौती देंगे।' पूर्व सांसद और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सदस्य संजय निरुपम ने कहा कि विलय से दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है। यह भी पढ़ें- पेपर लीक से लेकर हिरासत तक. वांगचुक ने अस्पताल से...