नई दिल्ली, जुलाई 22 -- नसीरुद्दीन शाह ने 20 जुलाई को चलो संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा पर पहली बार बात की। इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों की कड़े शब्दों में आलोचना की और इमोशनल होकर कहा कि वो बच्चों के साथ हैं।'एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे तो.' नसीरुद्दीन ने कहा, 'मैं दो बातें अर्ज करना चाहता हूं। पहली बात तो ये कि अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई (मार्गदर्शन) करे तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाबिल और बेरहम बने। पढ़ाई करने के बावजूद मैंने जो अभिनय के बारे में सीखा है, वो उन बच्चों से सीखा है जिन्हें सिखाने की कोशिश मैंने की है।''मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं' उन्होंने आगे कहा, 'मेरी पूरी हमदर्दी उनके साथ है। मैं ...