नई दिल्ली, जुलाई 12 -- 'मैं आत्महत्या कर लूंगा।', ये शब्द 2012 में प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी से तब कहे थे, जब निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर कुछ मंत्रियों की बेतुकी बयानबाजी से आहत कुरैशी ने अपनी नाराजगी प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई थी। सिंह ने कुरैशी से यह भी कहा था कि निर्वाचन आयोग केवल भारत का गौरव नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र की आत्मा है और अगर हमने इसे खो दिया तो सबकुछ खो देंगे। इस दिलचस्प बातचीत का जिक्र कुरैशी ने अपनी आगामी पुस्तक 'इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर' में किया है। अपनी किताब में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने मनमोहन सिंह को ऐसे नेता के रूप में याद किया है, जिनके लिए संवैधानिक मर्यादा केवल भाषणों तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह उनके आचरण और सोच का अभिन्न हिस्सा थ...