अलीगढ़, जुलाई 7 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। 'तूने मेरी बात नहीं मानी, अब तुझे जीने नहीं दूंगा...' ये लाइन अब सिर्फ फिल्मों में नहीं, जिले के लगभग हर घर में गूंज रही है। सहिष्णुता और क्षमा खत्म होने से रिश्तों में 'जानलेवा' आक्रोश पनप रहा है। हालात ये हैं कि पति पत्नी का कातिल बन रहा है तो कहीं पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर जीवनसाथी को मौत के घाट उतार दिया। आज सात जुलाई को पूरी दुनिया 'वैश्विक क्षमा दिवस' मना रही है, जिसका उद्देश्य लोगों के बीच आपसी मनमुटाव को भुलाकर सहनशीलता को बढ़ावा देना है। लेकिन, इसकी जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। अलीगढ़ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में पारिवारिक दृष्टि से सहनशीलता और क्षमा की भावना तेजी से घटी है, जिसका सीधा असर घरेलू हिंसा और जघन्य अपराधों के रूप में सामने आ रहा है। इसीलिए पिछले 10 सालों में इस तरह के हाद...