नैनीताल, अप्रैल 7 -- सुमन, नैनीताल l चिया की ओर से आयोजित तृतीय पुश्किन फर्त्याल स्मृति व्याख्यान का आयोजन मंगलवार को किया गया। इसमें मुख्य वक्ता आईएफएस अधिकारी कुंदन कुमार ने उत्तराखंड में वन संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष पर विचार रखे। उन्होंने बताया कि वन विभाग अब चुनौतियों से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहा है। कुमार ने संरक्षण हेतु स्थानीय समुदायों की भागीदारी को अनिवार्य बताया। इस दौरान सचिव प्रो. आशीष तिवारी ने स्व. डॉ. पुश्किन फर्त्याल के हिमालयी विकास में दिए गए योगदान को याद किया। यहां डॉ. ध्यानी, चिया के अधिशासी निदेशक कुंदन बिष्ट, उपसचिव डॉ. श्रुति साह, डॉ. विनीता फर्त्याल, डॉ. महिका फर्त्याल, डॉ. जीसीएस नेगी, दीपा, विनीता, नीमा, राम सिंह बिष्ट, अनिल सिंह रहे।

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