वाराणसी, मार्च 5 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। जलवायु परिवर्तन का महिलाओं के स्वास्थ्य पर असर विषय पर गुरुवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। नदेसर स्थित एक होटल में आयोजित शी शील्ड कॉन्क्लेव 2.0 में विशेषज्ञों, डॉक्टरों, सामाजिक विचारकों ने मंथन किया।मुख्य अतिथि पद्मश्री नलिनी अस्थाना ने कहा कि जीवन में समाज, परिवार और प्रकृति के बीच मानवीय संवेदना तथा संतुलित संबंध भी अनिवार्य है। महिला स्वस्थ है तो भविष्य सुरक्षित है।विशिष्ट अतिथि डॉ. एचपी माथुर ने कहा कि प्रदूषण धीमा जहर है। इसका प्रभाव केवल वर्तमान पीढ़ी तक सीमित नहीं है बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर भी गहरी छाप छोड़ रहा है। मुख्य वक्ता गिरिधर जे. ज्ञानी ने कहा कि भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की तत्काल आवश्यकता है।पहले सत्र में डॉ. शिप्रा धर श्रीवास्तव ने कहा कि ओपी...