अल्मोड़ा, अप्रैल 29 -- कमल पंत, अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान के वैज्ञानिकों ने हवालबाग में किसान गोष्ठी की। ऊर्वरकों के संतुलित उपयोग के बारे में बताया। मंडुवा, सोयाबीन में जैव ऊवरकों का प्रयोग करने का सुझाव दिया। संतुलित उर्वरक उपयोग पर गहन अभियान तहत हुई गोष्ठी में वैज्ञानिक डॉ. कामिनी बिष्ट ने सभी प्रतिभागियों को अभियान के बारे में बताया। किसानों ने आगामी खरीफ में सोयाबीन, भट्ट, गहत एवं मडुआ बोने की योजना साझा की। डॉ. बृजमोहन पांडे ने बताया कि मडुआ और सोयाबीन में कुछ जैव उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी में फास्फोरस की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है। इससे मिट्टी में फास्फोरस उर्वरक की कम मात्रा डालनी पड़ेगी और उत्पादकता भी बढ़ेगी। वहीं, किसानों ने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि आगामी खरीफ के लिए बीज व जैव उर्वरक उपलब्ध कराने...