बागेश्वर, जनवरी 9 -- जसुली बुढ़ी शौक्याणी लला जीर्णोद्वार समिति के अध्यक्ष तथा जुसली के पड़पॉत्र फली सिंह दत्ताल ने कहा कि जसुली बुढ़ी ने उत्तराखंड के अलावा नेपाल में भी धरमशाला बनाई थीं। दस्तावेजों के अनुसार 450 धरमशालाएं थीं। इनमें से 70 धरमशाला मिल गई हैं। अन्य की तलाश जारी है। जिला बार ऐसोसिएशन परिसर पर पत्रकारों को दत्ताल ने कहा कि 1900 में जुसली ने उत्तराखंड के अलावा नेपाल में धरमशाला बनाईं। इसमें बागेश्वर में चौंरा तथा कांडाधार में धरमशाला हैं। उन्होंने कहा कि उनके दादा सुनपाल सिंह दत्ताल थे तथा दत्तक पुत्र सेनु सिंह थे। उन्होंने कहा कि जसुली दादी के पति जमू व्यापारी थी। उनकी मृत्यु हो गई थी। वह काफी धनवान थीं। वह अपने धन को पंचाचूली नदी में बहाने लगे, लेकिन तत्काल अंग्रेज शासक रामजे ने उन्हें रोका तथा उन्हें प्रेरित किया। जन सेवा ...
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