नई दिल्ली, जून 15 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। वैश्विक बाजार में व्याप्त चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को शिक्षा, तकनीक और रोजगार पर ध्यान देने की जरूरत है। जेएनयू से सेवानिवृत्त प्रो. अरुण कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में व्यापार समझौतों से कहीं ज्यादा जरूरी है कि हम अच्छी तकनीक को अपनाएं, ताकि तकनीक के दम पर हमारी उत्पादन क्षमता बढ़े। अमेरिका और चीन भारत की तुलना में एआई के क्षेत्र में कई सौ गुना अधिक निवेश कर रहे हैं। ऐसे में समझौतों के साथ जरूरी है कि हम शोध एवं अनुसंधान और तकनीक पर ज्यादा खर्च करें। इससे हमें सस्ती दर पर उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। पश्चिम एशिया में हुआ घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का अधिकांश हिस्सा आयात करता है और...