नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- असम विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान समाप्त हो गया है। मतदान से महज कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के 'गोमांस सेवन' पर दिए गये बयान पर राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है। सरमा ने कहा कि गोमांस खाने में कोई रोक नहीं है, लेकिन इसे निजी जगहों तक सीमित रखना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुस्लिम भाई गोमांस खाते हैं, हम उन्हें मना नहीं कर रहे हैं। हम बस यही कहते हैं कि इसे घर के अंदर खाएं, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं। मंदिरों के 5 किलोमीटर दायरे में या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर इसका सेवन नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान से सियासी बवाल तेज हो गया है। विपक्ष इसे भाजपा की दोहरी नीति बता रहा है। दरअसल, यह बयान मुख्यमंत्री के पिछले कई बयानों से बिल्कुल अलग है। कुछ दिन पहले जोरहाट में चुना...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.