'भगवान की शरण ही शांति का मार्ग'
अलीगढ़, मार्च 12 -- जनपद में जगह-जगह भागवत कथा की अमृत वर्षा, श्रद्धालुओं ने कमाया पुण्यलाभ बरला, संवाददाता। ग्राम दिलालपुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक कपिल वशिष्ठ 'वृंदावनी' जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से भगवान के विभिन्न अवतारों और उनकी महिमा का वर्णन किया।कथा के दौरान कपिल वशिष्ठ जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि साक्षात श्री कृष्ण का स्वरूप है। जो मनुष्य श्रद्धा भाव से इसका श्रवण करता है, उसके जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं। उन्होंने भक्त प्रहलाद और ध्रुव के प्रसंगों के माध्यम से भक्तों को समझाया कि ईश्वर की प्राप्ति के लिए आयु नहीं, बल्कि अटूट विश्वास और भक्ति की आवश्यकता होती है। संसार की वस्तुएं नश्वर हैं, केवल भगवान का ना...
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