रांची, नवम्बर 13 -- झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की बेवजह और बार-बार की जाने वाली मुकदमेबाजी पर कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार अपने ही कर्मचारियों को न्याय से वंचित रखने के लिए बार-बार अदालतों का दरवाजा खटखटा रही है, जिससे न केवल न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि जनता का धन भी व्यर्थ जाता है। अदालत ने कहा कि राज्य वेलफेयर स्टेट है, न कि ऐसा पक्षकार जो अपने नागरिकों के खिलाफ किसी भी तरह मुकदमा जीतना चाहता हो। इसके साथ ही अदालत ने सरकार की अपील याचिका खारिज कर दी और सरकार पर 50 हजार का हर्जाना भी लगाया।जानिए क्या है पूरा मामला मामला अखिलेश प्रसाद नामक अधिकारी से जुड़ा था, जो पहले बिहार सरकार में सहकारिता विस्तार पदाधिकारी थे और झारखंड गठन के बाद यहां क...