'बावन बूटी' कला को नया जीवन दे रहे बुनकर, महिलाओं की संवर रही आजीविका
बिहारशरीफ, जुलाई 15 -- 'बावन बूटी' कला को नया जीवन दे रहे बुनकर, महिलाओं की संवर रही आजीविका 'बावन बूटी' कला को नया जीवन दे रहे बुनकर, महिलाओं की संवर रही आजीविका पद्मश्री कपिलदेव प्रसाद के प्रयासों और जीआई टैग से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी मांग जीविका, पंचायत और सहकारी समितियों के संयुक्त प्रयास से सशक्त हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था फोटो बुनकर : हस्तकरघा पर कपड़ा तैयार करते बुनकर। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। नालंदा की धरती अपनी प्राचीन बौद्ध विरासत और विश्वविद्यालय के साथ एक और अनमोल धरोहर को संजोए हुए है 'बावन बूटी' हस्तकरघा कला। कमल, शंख, चक्र, स्तूप, वृक्ष, पशु-पक्षी और बौद्ध प्रतीकों से सजी 52 पारंपरिक आकृतियों वाली यह बुनाई लगभग 300 से 400 वर्ष पुरानी परंपरा है। मशीनों के इस युग में भी नालंदा के बसावन बिगहा, नेपुरा, ...
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