अल्मोड़ा, जून 14 -- कमल पंत, अल्मोड़ा। भाकृअनुप- विवेकानन्‍द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान की ओर से 'खेत बचाओ अभियान' के तहत विभिन्न गांवों में जागरूकता कार्यक्रम हुए। वैज्ञानिकों ने किसानों को जैविक ऊवर्रकों का महत्व बताया। साथ ही वन्यजीवों से फसलों को बचाने के लिए हल्दी व अदरक उगाने का सुझाव दिया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत के मार्गदर्शन में पसेड, सुनोला, पाखुड़ा, कफलगैर, चमुआ व मटिला धुरा गांवों में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। मटिला धुरा चमुआ गांवों में जैविक व प्राकृतिक खेती, गोबर की खाद का वैज्ञानिक उपयोग, फसल अवशेष प्रबंधन, कतार बोआई और मिश्रित खेती पर प्रशिक्षण दिया गया। मटिला धुरा में महिला किसानों को फलीदार सब्जी के उन्नत बीज भी वितरित किए। यह भी पढ़ें- 'फसलों को वन्यजीवों से बचाने को हल्दी, अदरक उगाएं' कफलगैर और सुनोला में ...