लखनऊ, अप्रैल 28 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। एनसीईआरटी द्वारा विकसित एप 'प्रशस्त' स्कूलों में दिव्यांग बच्चों की पहचान में कारगर साबित होगा। इस एप के जरिए 21 प्रकार की विकलांगताओं की जांच आसानी से की जा सकेगी। ये एप दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (आरपीडब्लूडी) 2016 के अनुरूप है, जो विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रमाणन प्रक्रिया को आसान बनाएगी और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगी। मंगलवार को एससीईआरटी की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में 'प्रशस्त' एप के यूजर एक्सेप्ट टेस्टिंग को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय में उप सचिव इरा सिंघल भी मौजूद थीं। सुश्री सिंघल ने बताया कि विशेष बच्चों की प्रारंभिक जांच, मूल्यांकन और पहचान समय पर होना जरूरी है। यह भी पढ़ें- एसएससी मध्य क्षेत्र की 'सुचिता' एप से और ...