नई दिल्ली, मार्च 26 -- सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि ऐसी प्रक्रियागत खामियां, जिन्हें सुधारा जा सकता है के आधार पर मुकदमे का नए सिरे से ट्रायल का आदेश नहीं दिया जा सकता।‌ शीर्ष अदालत ने जमीन विवाद में 19 साल पहले हुई हत्या के मामले में नए सिरे से ट्रायल शुरू किए जाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द करते हुए टिप्पणी की। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि नए सिरे से मुकदमे का ट्रायल शुरू करने का आदेश देते समय अदालतों को यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि ठीक की जा सकने वाली प्रक्रियागत खामियों के कारण आपराधिक कार्यवाही को अनिश्चित काल तक लंबा नहीं खींचा जा सकता। पीठ ने कहा कि अदालतों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पीड़ितों के अधिकार और समय पर न्याय मिलने में समाज का हित, ये दोनों ही ब...