नई दिल्ली, मई 30 -- पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से 'डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट' नीति लागू किए जाने के बाद हाकिमपुर चेकपोस्ट पर बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी प्रवासी जमा हो गए। ये प्रवासी कई सालों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रह रहे थे। उन्होंने कानूनी कार्रवाई, जेल जाने और भारी जुर्माने के डर को अपना वापस लौटने का मुख्य कारण बताया। एक प्रवासी ने कहा, 'मैं यहां एक साल पहले आया था। मैंने अपने दोस्त से पूछा था कि यहां काम मिलेगा या नहीं, उसने कहा हां, इसलिए मैं बांग्लादेश से यहां आया।' यह भी पढ़ें- 3 जून को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं डीके शिवकुमार, मंत्रिमंडल में भी बड़ा बदलाव अब्दुल 2017 से राज्य में रह रहा है। उसने कहा, 'हमारे पास यहां कोई दस्तावेज नहीं है। मैं 2017 में आया था। अब 2026 है, यानी 9 साल हो गए। मौजूदा सरकार की नीति है कि बि...