रांची, अक्टूबर 27 -- पति के विवाहेत्तर संबंध और पत्नी पर उसकी प्रेमिका को छोटी बहन मानकर उसके साथ रहने का दबाव बनाना गंभीर मानसिक क्रूरता है। झारखंड हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए पत्नी की तलाक याचिका खारिज करने के फैमिली कोर्ट के फैसले को पलट दिया है। हाईकोर्ट ने पत्नी की अपील स्वीकार करते हुए क्रूरता के आधार पर विवाह विच्छेद का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि पति-पत्नी का रिश्ता आपसी विश्वास, सम्मान और साथ निभाने की भावना पर आधारित होता है। जब विवाह की बुनियाद ही विश्वास टूटने से कमजोर हो जाए तो साथ रहना मुश्किल हो सकता है। यह भी पढ़ें- बिना सेक्स 84 दिन रहे साथ, कपल ने शादी के 5 माह बाद मांगा तलाक; हाईकोर्ट बोला. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने पत्नी की अपील पर यह फैसला सुनाया। पत्नी ने हजारीबाग फ...