'पत्नी पर आपराधिक केस तो बेटा अनुकंपा से वंचित नहीं हो सकता'
नई दिल्ली, जून 11 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हरियाणा सरकार के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी विधवा के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही का इस्तेमाल उसके बेटे की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के दावे को खारिज करने के लिए नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने अतुल चौहान की अपील मंजूर कर ली। चौhaan की 'अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति' के अनुरोध को उस वक्त टाल दिया गया था, जब उनकी मां पर हरियाणा में सरकारी स्कूल शिक्षक रहे उनके पिता की हत्या की साजिश में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया था। यह भी पढ़ें- राष्ट्र निर्माण में हाउसवाइफ का अहम योगदान; SC ने दिया मुआवजा देने का आदेशन्यायिक निर्णय शीर्ष अदालत ने एक आदेश में कहा कि प्रतिवादियों के लिए, अपीलकर्ता के अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के दावे पर 2019 के न...
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