अहमदाबाद, मार्च 27 -- गुजरात में अहमदाबाद के चांदलोडिया इलाके में हाल ही में पार्किंग में खड़े एक पिकअप वाहन में एक 64 वर्षीय बुजुर्ग का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। मृतक की पहचान रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर जयंती परमार के रूप में हुई। शुरुआती जांच में उनके द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की बात पता चली और जब उनका सुसाइड नोट सामने आया तो उसकी मदद से दुनिया को उनके ऊपर हो रहे अत्याचार के बारे में पता चला। सुसाइड नोट में बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि रिटायरमेंट के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। क्योंकि घर पर पैसा लाकर नहीं देने की वजह से उनकी पत्नी उन्हें खाना नहीं देती थी और उनका बेटा उन्हें पीटता था। उन्होंने बताया कि घरवाले उन्हें बोझ की तरह समझते थे, जिसकी वजह से वो बार-बार अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों के घर रहने चले जाते थे। इस मामले में सोला ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.