अल्मोड़ा, जून 13 -- मुकेश सक्टा, सल्ट। मोहान स्थित सरकारी दवा फैक्ट्री आईएमपीसीएल के निजीकरण के विरोध में शनिवार को भी धरना प्रदर्शन हुआ। इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया तो वह उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। आंदोलन के 13 वें दिन कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि लोगों के हित को दरकिनार कर दवा फैट्री को निजी हाथों में सौंप दिया गया। जबकि कर्मचारी और कंपनी से जुड़े हजारों लोग लंबे समय से निजीकरण का विरोध करते आ रहे थे। इसके बाद भी आंदोलन की अनदेखी कर आश्रितों को प्रभावित करने का काम किया गया। यह भी पढ़ें- 'निजीकरण वापस नहीं लिया तो आंदोलन होगा उग्र' इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तय किया कि अगर सरकार का यही रवैया रहा तो...