वाराणसी, मार्च 14 -- वाराणसी,मुख्य संवाददाता। काशी की पुरानी सांगीतिक संस्था संगीत परिषद ने भी नए दौर की तरफ रुख किया है। संगीत सिद्धांत से इतर विधाओं की प्रस्तुति का क्रम बदल दिया। बनारस के संगीत साधकों को समर्पित 'नमन' में गायन-वादन-नृत्य की जगह नृत्य-वादन और गायन कराया गया।नागरी नाटक मंडली के सभागार में शुक्रवार से आरंभ हुए तीन दिनी आयोजन की पहली प्रस्तुति लेकर मंचासीन हुए काशी के ख्यात नर्तक पं.विशाल कृष्ण ने हमजोलियों संस्कृति शर्मा और रौनक श्रीवास्तव के साथ समारोह को शानदार आगाज किया। नृत्यमय गणेश वंदना के बाद कलाकारों ने पारंपरिक कथक की प्रस्तुति दी। दाहिना पैर चोटिल होने के बाद भी विशाल कृष्ण ने जिस अंदाज में नृत्य किया वह उनके समर्पण को दर्शाता है। ठुमरी 'बूझत श्याम' और होरी 'ब्रज गोपी खेले होली' पर भावनृत्य देशकाल के अनुरूप रहा।...
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