नई दिल्ली, फरवरी 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि दूरसंचार स्पेक्ट्रम का मालिक और ट्रस्टी केंद्र सरकार है, ऐसे में दिवालिया दूरसंचार कंपनियों का कर्ज चुकाने के लिए इसे (स्पेक्ट्रम) बेचा नहीं जा सकता। शीर्ष अदालत ने कहा कि दूरसंचार सेवा प्रदाता को आवंटित स्पेक्ट्रम ऐसा एसेट नहीं है दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) 2016 के तहत कार्रवाई की जाए। जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि स्पेक्ट्रम भारत के लोगों का है, जिसमें सरकार मालिक/ट्रस्टी के तौर पर काम करती है और आईबीसी इसके आवंटन, नियंत्रण एवं जन संसाधन (पब्लिक रिसोर्स) के तौर पर इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे के विपरीत काम नहीं कर सकता। पीठ ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार जहां स्पेक्ट्रम का मालिक और ट्रस...