नई दिल्ली, मार्च 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर संबंधित मंत्रालय प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांगता के कारण अयोग्य हुए सैन्य कैडेट को मौद्रिक लाभ देने के मुद्दे पर निर्णय नहीं लेते हैं, तो वह रक्षा सचिव और वित्त सचिव को तलब कर सकता है। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ उन कैडेट की कठिनाइयों से संबंधित एक स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी, जिन्हें प्रशिक्षण के दौरान चोट या दिव्यांगता के कारण बाहर कर दिया गया था। अदालत ने कहा कि हमने पहले ही संबंधित मंत्रालयों को पर्याप्त समय दिया है। यदि मामले में कोई प्रगति नहीं हुई, तो हम इस अदालत के समक्ष रक्षा सचिव और वित्त सचिव की पेशी का निर्देश देने के लिए बाध्य होंगे। पीठ ने कहा कि अदालत ने इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए अधिकारियों को छह सप्ताह क...