दिल्ली, जुलाई 26 -- 26 जुलाई को जंतर-मंतर पूरी तरह से खाली हो चुका है। इससे एक दिन पहले यहां लाखों की संख्या में लोग इकट्ठा थे। उससे पहले यहीं पर हिंसा भी हुई थी। इस हिंसा में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं और आंसू गैस के गोले दागे, ये एक सच है। एक सच ये भी है कि प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस के साथ हिंसा और पुलिसकर्मियों के सुरक्षाबलों को पीटा और उनके साथ हिंसा की। इस मामले में एक इंसपेक्टर का बयान सामने आया है। इंसपेक्टर ने बताया कि 20 जुलाई को उनपर हमला हुआ था। इंस्पेक्टर का कहना है कि अगर उस दिन वो वहां से निकल नहीं पाते, तो भीड़ पीट-पीटकर उनकी हत्या कर देती।इंस्पेक्टर नंद किशोर ने क्या बताया 20 जुलाई को हुई हिंसा पर बात करते हुए इंस्पेक्टर नंद किशोर ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के बाद अफरा-तफरी मच गई थी। उन्होंन...