रांची, जून 9 -- झारखंड हाई कोर्ट ने सोमवार (8 जून) को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि बलात्कार के मामलों में पीड़िताओं के होने वाले टू फिंगर टेस्ट पर अविलंब रोक लगाई जाए और जीरो FIR दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एम.एस. सोनाक और जस्टिस राजेश शंकर की बेंच ने यह फैसला सुनाया है। बेंच रेप सर्वाइवर्स की सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़ी एक जनहित याचिका पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, "हमें यह देखकर दुख होता है कि कुछ स्थितियों में रेप पीड़िता का सामाजिक मजाक उड़ाया जाता है, मानो वे ही आरोपी हों। कुछ मामलों में, पीड़िता को समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को भारी मुश्किलों और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।" बे...