धार, अप्रैल 27 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में धार स्थित भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद विवाद को लेकर चल रही सुनवाई अब तीखे टकराव में बदलती जा रही है। तीसरे हफ्ते की सुनवाई के पहले ही दिन मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में आक्रामक रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में कहा "जिसे पहले ही मस्जिद माना जा चुका है, उसे बार-बार मंदिर बताना न सिर्फ भ्रामक है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को गुमराह करने की कोशिश भी है।" मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन ने कमाल मौला मस्जिद वेलफेयर ट्रस्ट का पक्ष रखते हुए कोर्ट में जोरदार दलीलें पेश कीं। उन्होंने 23 साल पुराने सिविल सूट और वर्ष 2003 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) द्वारा दाखिल जवाबों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित संरचना को पहले ही मस्जिद के रूप में दर्ज क...