नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने सरकार से जनहित के मुद्दों पर टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। संगठन ने मस्जिदों समेत इबादतगाहों को निशाना बनाए जाने, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों पर पाबंदियों को लेकर चिंता जताई। जमाअत के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने एसआईआर की प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए कहा कि करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की खबर ने व्यापक चिंता पैदा की है। एसआईआर से प्रभावित पात्र मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम बहाल करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की। यह भी पढ़ें- जमाअत ने सरकार से टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने की मांग की साथ ही चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में स...