अल्मोड़ा, मई 18 -- कमल पंत, अल्मोड़ा। हवालबाग ब्लॉक में वनाग्नि प्रबंधन व जनजागरूकता के लिए सोमवार को वनाग्नि चौपाल कार्यशाला हुई। वक्ताओं ने वनाग्नि से होने वाले नुकसानों के बारे में बताया। कहा कि जंगलों में आग के कारण जल स्तर नीचे गिर रहा है। कार्यशाला में सहायक नोडल अधिकारी वनाग्नि व मुख्य प्रशिक्षक गजेंद्र पाठक ने कहा कि बदलती परिस्थितियों का असर पर्यावरण और जीवनशैली दोनों पर पड़ा है। बंदर, सूअर और गुलदार के आतंक के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने जंगलों के अनियंत्रित दोहन, वनाग्नि, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापवृद्धि को पर्यावरणीय संकट का प्रमुख कारण बताया। ब्लॉक प्रमुख हिमानी कुंडू ने कहा कि वनाग्नि चौपाल जैसे कार्यक्रमों से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। ...