नई दिल्ली, मई 1 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि हर भड़काऊ या विवादित बयान अपने आप में आपराधिक मामला नहीं बनता। इसके साथ ही SC ने अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करने वाली याचिकाएं भी खारिज कर दीं। यह मामला 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए भाषणों से जुड़ा था, जब शाहीन बाग समेत कई जगहों पर नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि "देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को" जैसे बयान जरूर विवादित हैं, लेकिन उपलब्ध सबूतों के आधार पर ऐसा नहीं माना जा सकता कि कोई बड़ा अपराध हुआ है। अदालत के मुताबिक, इन बयानों को सीधे तौर पर किसी खास समुदाय के खिलाफ नहीं पाया गया और ना ही कोई सबूत मिला कि इनसे हिंसा या दंगे भड़काने ...
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