'गोपाल से जगत पाल तक' और 'एक सपना' ने बच्चों को दिया संस्कार व संवेदनशीलता का संदेश
लखनऊ, जून 30 -- लखनऊ, संवाददाता। राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में यायावर रंगमंडल और संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय 32वें उल्लास बाल पर्व-2026 का समापन बाल कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ हुआ। अंतिम दिन बच्चों ने नृत्य-नाटिका 'गोपाल से जगत पाल तक' और नाटक 'एक सपना' के जरिए संस्कृति, संस्कार और आधुनिक जीवन की चुनौतियों को प्रभावी ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया।
पहली प्रस्तुति पहली प्रस्तुति जानकीपुरम स्थित पूरन शिक्षा केंद्र के छात्रों की ओर से तैयार नृत्य नाटिका 'गोपाल से जगत पाल तक' रही। वंशिका शर्मा की परिकल्पना व नृत्य निर्देशन में तैयार इस प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर धर्म की स्थापना तक की यात्रा को कथक, कंटेम्पररी और लोक नृत्य के मिश्रण के साथ पेश किया गया। नाटक में बाल कृष्ण का गो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.