जबलपुर, मार्च 31 -- Madhya Pradesh News : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि घर संभालने वाली महिला कोई अकुशल श्रमिक (Unskilled Worker) नहीं है। वो बिना कोई वेतन और छुट्टी के चौबीसों घंटे काम करती है। कोर्ट ने एक सड़क दुर्घटना मामले में महिला की मौत पर दी जाने वाली मुआवजा राशि को बढ़ाकर 5.44 लाख रुपये कर दिया है। हाईकोर्ट ने गृहिणी की आय का आकलन 'अकुशल श्रमिक' के बजाय 'अर्ध-कुशल श्रमिक' (Semi-skilled worker) के स्तर पर करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के अनुसार, एक महिला घर में जो ढेरों सेवाएं देती है, वह परिवार का आधार होती है। हाईकोर्ट का यह फैसला महिलाओं के घरेलू काम के आर्थिक मूल्य को मान्यता देने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। यह भी पढ़ें- पति-पत्नी के बीच इस तरह का सेक्स अपराध नहीं; मध्य प्रदेश HC का बड़ा फैसलाक्या था मा...
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