नई दिल्ली, जून 12 -- राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के मामले में अपनी दलील में वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि याचिकाकर्ता का नामांकन खारिज करने में हुईं 'प्रत्यक्ष और स्पष्ट' गलतियों को ठीक करने के लिए अनुच्छेद-32 का सहारा लिया जा सकता है। सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि यदि अदालत यह तय करने लगे कि किन मामलों में नामांकन रद्द किया जाना इतना गलत है कि वह सीधे अनुच्छेद-32 या 226 के तहत हस्तक्षेप कर सकती है और किन मामलों में उम्मीदवार को चुनाव याचिका का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यदि ऐसा होता है तो अदालत अनुच्छेद-329 में ऐसी व्यवस्था जोड़ रही होगी, जो वहां लिखी ही नहीं गई है। उन्होंने कहा कि हमें डर है कि ऐसी किसी भी व्याख्या...