नई दिल्ली, अगस्त 15 -- ऐ मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन, तुझपे दिल कुर्बान.आपने कितने ही मौकों पर इस गाने को सुना होगा। कभी स्कूल के 15 अगस्त के फंक्शन में, कभी 26 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में। कभी किसी टीवी प्रोग्राम और फिल्म में। देशभक्ति से भरा ये गाना दिल में देशप्रेम को जगाता है। लेकिन आपको ये जानकर बहुत हैरानी होगी कि असल में ये गाना अपने देश भारत के लिए नहीं बल्कि किसी दूसरे देश के लिए लिखा गया था। लेकिन इस गाने में देशप्रेम के लिए एक ऐसा एहसास छुपा है कि हर किसी भी देश के देशभक्त को ये गाना अपना लगेगा।ऐ मेरे प्यार वतन.गाने के पीछे की कहानी साल 1961 में एक फिल्म आई थी काबुलीवाला। ये फिल्म रबींद्रनाथ टैगोर की लिखी हुई 1892 की कहानी 'काबुलीवाला' पर बेस्ड थी। फिल्म में दिखाया गया था कि काबुल का रहने वाला गरीब अब्दुल रहमान खान अप...