वाराणसी, मार्च 2 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बच्चों में एडिनॉइड ग्रंथि के बढ़ने के कारण सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। बीएचयू के ईएनटी विभाग में पिछले एक साल में इसके 312 मामले आए हैं। इसमें 50 फीसदी की सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है। इसके साथ ही कई लोगों को बार-बार सर्दी-जुकाम, नाक बंद रहना और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हुई। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि समय से इलाज से बच्चों को बहरेपन से बचाया जा सकता है। बीएचयू के ईएनटी विभाग के प्रो. विश्वंभर सिंह ने कहा कि एडिनॉइड ग्रंथि नाक के पीछे स्थित होती है। यह संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। तीन से दस वर्ष की उम्र के बच्चों में इसके अधिक बढ़ने से कान और गले को जोड़ने वाली यूस्टेशियन ट्यूब बंद हो जाती है, जिससे कान में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसके कारण सुनने में समस्या...