'उत्तम आचरण ही परिवर्तन का मुख्य माध्यम'
रामपुर, अगस्त 17 -- रामपुर। मजलिस-ए-तहफ्फुज-ए-ख़त्म-ए-नुबूवत (मदरसा फैज़ुल उलूम) के तत्वावधान में मस्जिद मजार टाशा मियां में चौदह दिवसीय खुतबात-ए-सीरत का दूसरा कार्यक्रम आयोजित हुआ। हजरत मौलाना मुहम्मद असलम जावेद कासमी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत कारी मुहम्मद फहीम की तिलावत से हुई। इसके बाद मुहम्मद अनस रामपुरी ने नात व मौलाना अनजर कासमी ने नजराना-ए-अकीदत पेश किया। मुख्य वक्ता मुफ्ती मुहम्मद साजिद कनौजी ने पैगंबर-ए-इस्लाम की तालीमात और उनके उच्च नैतिक चरित्र पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि मौलाना मजाहिरुल हक गदरपुरी ने कहा कि आप का उत्तम आचरण ही लोगों के दिलों में परिवर्तन का मुख्य माध्यम बना। मौलाना असलम जावेद कासमी ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में सीरत-ए-नबवी को आम करना है। संचालन मौलाना कारी उबैदुल्लाह फैजी ने किया। अ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.